WhatsApp: गुजरात के भुज से ऑनलाइन निवेश ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति से 16 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी कर ली गई। साइबर अपराधियों ने WhatsApp ग्रुप और फर्जी मोबाइल एप के जरिए शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का लालच देकर शिकार बनाया। यह मामला दिखाता है कि ऑनलाइन फ्रॉड और इन्वेस्टमेंट स्कैम किस तेजी से बढ़ रहे हैं।
बिना जांच-पड़ताल के WhatsApp पर मिलने वाली निवेश सलाह और अनजान ऐप्स पर भरोसा करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित का नाम अजीत जडेजा है, जो भुज में एक निजी कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने साइबर पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें एक ऐसे वाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था, जो खुद को एक निवेश सलाहकार मंच बताता था। कई हफ्तों तक चले इस खेल में स्कैमर्स ने धीरे-धीरे उनका भरोसा जीता और फिर लाखों रुपये का चूना लगा दिया।

WhatsApp ग्रुप से ठगी की शुरुआत
गुजरात पुलिस के मुताबिक ठगी का यह सिलसिला अप्रैल महीने में शुरू हुआ। पीड़ित जडेजा को एक अनजान नंबर से WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में रोज़ शेयर बाजार के टिप्स और मार्केट अपडेट्स शेयर किए जाते थे। मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर भरोसा बनाया गया। सब कुछ इतना प्रोफेशनल था कि पीड़ित को यह सिस्टम पूरी तरह असली लगा।
फर्जी ऐप और भरोसा जीतने की चाल
जुलाई की शुरुआत में स्कैमर्स ने ऑनलाइन फॉर्म भरने का लिंक भेजा। इसके बाद पीड़ित से एक फर्जी निवेश मोबाइल ऐप डाउनलोड करवाया गया। शुरुआत में सिर्फ 5,000 रुपए का निवेश करवाया गया। कुछ ही समय में उस रकम पर मुनाफा दिखाकर भुगतान भी कर दिया गया। इस छोटे मुनाफे से भरोसा बढ़ा और पीड़ित ने बड़ी रकम लगानी शुरू कर दी।

IPO के नाम पर बड़ा धोखा
बाद में ऐप में दिखाया गया कि IPO निवेश में भारी मुनाफा हुआ है। पीड़ित के वॉलेट में 18 लाख रुपये का लोन क्रेडिट दिखाया गया। जब पैसे निकालने की कोशिश की गई तो ट्रांजैक्शन फेल हो गया। स्कैमर्स ने कहा कि रकम निकालने के लिए पहले 9 लाख रुपये जमा करने होंगे। यहीं पीड़ित को एहसास हुआ कि वह ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड का शिकार हो चुका है।
संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज
ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया। इसके बाद औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। साथ ही ठगी में इस्तेमाल हुए बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच शुरू कर दी गई है।

WhatsApp स्कैम से कैसे बचें
इस तरह के स्कैम अक्सर छोटे भरोसे और आसान मुनाफे से शुरू होते हैं। अगर कोई अनजान नंबर आपको निवेश वाले WhatsApp ग्रुप में जोड़ता है तो तुरंत बाहर निकलें। बिना जांच के किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। WhatsApp पर भेजी गई APK फाइल डाउनलोड करने से बचें। निवेश से जुड़े मैसेज को हमेशा आधिकारिक स्रोत से वेरिफाई करें।
फर्जी मुनाफे से रहें सतर्क
कम समय में भारी मुनाफा दिखाने वाले स्क्रीनशॉट अक्सर फर्जी होते हैं। एप के अंदर दिखने वाला बैलेंस या रिटर्न भ्रमित करने वाला हो सकता है। अगर पैसा निकालने के लिए और रकम जमा करने को कहा जाए, तो यह साफ स्कैम का संकेत है। ऐसे मामलों में देरी न करें और तुरंत कार्रवाई करें। शक या ठगी होने पर 1930 डायल करें, जल्दी शिकायत करने से पैसा वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

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